अरे भर दी खुशियों से झोली, बंद थीं राहें जो खोली बोल रहे सब एक ही बोली, नामुमकिन अब मुमकिन है। मान चुका है देश ही सारा, जन-जन का है एक ही नारा ना होता था जो भारत में वो होना अब मुमकिन है। अरे मोदी है तो मुमकिन है।

ModiHainTohMumkinHain

अरे भर दी खुशियों से झोली, बंद थीं राहें जो खोली
बोल रहे सब एक ही बोली, नामुमकिन अब मुमकिन है।

मान चुका है देश ही सारा, जन-जन का है एक ही नारा
ना होता था जो भारत में वो होना अब मुमकिन है।

अरे मोदी है तो मुमकिन है।
#ModiHainTohMumkinHain

अरे भर दी खुशियों से झोली, बंद थीं राहें जो खोली बोल रहे सब एक ही बोली, नामुमकिन अब मुमकिन है। मान चुका है देश ही सारा, जन-जन का है एक ही नारा ना होता था जो भारत में वो होना अब मुमकिन है। अरे मोदी है तो मुमकिन है। #ModiHainTohMumkinHain

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