1942 में गांधीजी का मंत्र था- करो या मरो। 2022 का मंत्र होना चाहिए- करेंगे और कर के रहेंगे। ये किसी दल या किसी सरकार का नहीं बल्कि भारत के सवा सो करोड़ देशवासियों का नारा होगा। 2017 से 2022 के पांच साल संकल्प से सिद्धि तक के पांच साल होंगे। हमारे स्वातंत्र्य सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का स्मरण करते हुए हम सपनें, सामर्थ्य, शक्ति के साथ लक्ष्यपूर्ति के लिए आगे बढे।

Bharatiya Janata Party is the largest political party

1942 में गांधीजी का मंत्र था- करो या मरो। 2022 का मंत्र होना चाहिए- करेंगे और कर के रहेंगे। ये किसी दल या किसी सरकार का नहीं बल्कि भारत के सवा सो करोड़ देशवासियों का नारा होगा। 2017 से 2022 के पांच साल संकल्प से सिद्धि तक के पांच साल होंगे। हमारे स्वातंत्र्य सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का स्मरण करते हुए हम सपनें, सामर्थ्य, शक्ति के साथ लक्ष्यपूर्ति के लिए आगे बढे।

1942 में गांधीजी का मंत्र था- करो या मरो। 2022 का मंत्र होना चाहिए- करेंगे और कर के रहेंगे। ये किसी दल या किसी सरकार का नहीं बल्कि भारत के सवा सो करोड़ देशवासियों का नारा होगा। 2017 से 2022 के पांच साल संकल्प से सिद्धि तक के पांच साल होंगे। हमारे स्वातंत्र्य सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का स्मरण करते हुए हम सपनें, सामर्थ्य, शक्ति के साथ लक्ष्यपूर्ति के लिए आगे बढे।

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